इस ब्लॉग में औरंगाबाद(बिहार) से संबंधित वैसे खबरों को पोस्ट किया जाता है, जिसपर वरीय पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराना अत्यावश्यक लगे । इसके सेटिंग में मुख्य सचिव (बिहार), पुलिस महानिदेशक (बिहार), जिला पदाधिकारी (औरंगाबाद), पुलिस अधीक्षक (औरंगाबाद) तथा माननीय मुख्यमंत्री (बिहार) का इमेल आईडी फीड किया हुआ है, जिससे ब्लॉग पोस्ट की एक प्रति स्वतः उनके पास पहुँच जाती है । यह बिल्कुल से अखबारों में छपे मूल समाचार होते हैं और मेरा उद्देश्य इन खबरों को वरीय पदाधिकारियों तक पहुँचाना मात्र है ।
Sunday, 10 July 2011
डीजल अनुदान राशि खा गए साहब
समाहरणालय में गुरुवार को डीएम अभय कुमार सिंह ने जनता दरबार में ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। ओबरा प्रखंड के चंदा पंचायत के पिसाय गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने डीजल अनुदान राशि में घोटाले की शिकायत की। कहा कि पंचायत सेवक मनोज सिंह अनुदान राशि को खा गए। मन में आया तो कुछ किसानों को दिया अन्यथा सभी पैसे लूट ले गए। ग्रामीण टुनटुन पाण्डेय, अरविंद पाण्डेय, विश्वनाथ पाण्डेय, सुधीर पाण्डेय, बैकुंठ पाण्डेय, मुकेश पाण्डेय ने कहा कि जिन ग्रामीणों को पैसे मिले हैं उन्हें भी राशि कम मिली है। डीएम ने मामले में बीडीओ को जांच करने के आदेश दिए हैं। देव प्रखंड के बरंडा रामपुर पंचायत से पहुंचे ग्रामीणों ने इंदिरा आवास में गड़बड़ी की शिकायत की। कहा कि छह माह पहले खाता खोलवाने के लिए कहा गया परंतु आज तक पैसा नहीं मिला। मुखिया दिनेश सिंह एवं सचिव उपेन्द्र सिंह की मिलीभगत से आवास में घोटाला किया जा रहा है। गनौरी भुईयां, नागेश्वर भुईयां, रामप्रवेश भुईयां, संतोष ठाकुर, अखिलेश राम ने आवास राशि दिलाने की गुहार लगाई। डीएम ने जनता दरबार में 104 मामलों की सुनवाई की। शहर के रामराज्य नगर से पहुंची बिंदू देवी एवं रवि कुमार के आवेदन पर डीएम ने विकलांगता पेंशन 22 जुलाई तक देने का आदेश दिया। दाउदनगर से पहुंची टोला सेवक सुनिता कुमारी ने मानदेय भुगतान की गुहार लगाई। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को मानदेय भुगतान करने का आदेश दिया गया। गोह से पहुंचे करमदेव सिंह ने जेपी स्वतंत्रता सेनानी पेंशन राशि के भुगतान के संबंध में शिकायत की। छात्रवृत्ति नहीं मिलने की शिकायत पूजा कुमारी ने की जिस पर डीएम ने कल्याण पदाधिकारी को अविलंब कार्रवाई का आदेश दिया। जनता दरबार में सभी अधिकारी उपस्थित थे।
मध्य विद्यालय का नवनिर्मित भवन गिरा
प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बहुआरा का नवनिर्मित भवन गुरुवार को गिर गया। बताया जाता है कि बुधवार रात्रि विद्यालय भवन के छत की ढलाई की गई थी। ग्रामीण कामदेव सिंह, संतोष सिंह, सुनील सिंह, अखिलेश सिंह ने बताया कि ढलाई के समय ही घटिया सामग्री देख ग्रामीणों ने विरोध किया था। विरोध के बावजूद जेई अभिमन्यु सिंह ने छत ढलाई कराया। ढलाई करते समय कई बार सेट्रिंग गिरा इसके बावजूद ढलाई होता रहा। ग्रामीणों की भीड़ देख जेई भाग खड़े हुए। जेई ने बताया कि प्राक्कलन के अनुसार कार्य हो रहा था। अब सवाल उठता है कि 8 लाख 56 हजार 100 रुपए की लागत से दो कमरे का निर्माण होना था। 8 लाख में दो कमरा का सही ढलाई भी न हो यह अपने आप में सवाल है। प्रधानाध्यापक ब्रज मोहन मिश्रा ने बताया कि विद्यालय का निर्माण कार्य जेई की देखरेख में हो रहा था। पूरा छत गिरकर ध्वस्त हो गया है।
घटिया सड़क निर्माण देख भड़के डीएम
डीएम अभय कुमार सिंह ने शुक्रवार शाम बारूण प्रखंड के टेंगरा से रढूआ गांव तक बन रही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का निरीक्षण किया। घटिया सड़क निर्माण देख डीएम भड़क उठे। निर्माण की जांच के लिए तकनीकी व प्रशासनिक पदाधिकारियों की टीम गठित कर कार्रवाई के लिए शीघ्र जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। डीएम ने पाया कि सड़क में टूटे हुए घटिया ईट का प्रयोग किया जा रहा है। पीसीसी के दोनों तरफ फ्लैंक में घटिया ईट लगाकर मिट्टी से ढंका जा रहा है। सड़क निर्माण जांच के बाद सिरिस कृषि विज्ञान केन्द्र पहुंचे। यहां केन्द्र प्रभारी को चहारदीवारी निर्माण शीघ्र कराने का आदेश दिया। केन्द्र को व्यस्थित ढंग से चलाने की बात कही। डीएम ने मंजुराही, प्रीतमपुर एवं सिरिस में किसानों द्वारा खेतों में लगाए गए ढैंचा एवं श्रीविधि का निरीक्षण किया। कहा कि कृषि को राज्य सरकार प्राथमिकता दे रही है। किसान खुशहाल होंगे तभी प्रदेश तरक्की करेगा। किसानों को अनुदानित दर पर उपलब्ध कराए गए बीज की जानकारी ली और उसे सदुपयोग करने की बात कही। कहा कि सफल किसानों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी शिलाजित सिंह को किसानों को दिए गए श्रीविधि एवं शंकर धान की बीज सूची उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। कहा कि सूची का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। कृषि यांत्रिक मेला एवं उद्यान महोत्सव के लिए व्यापक प्रचार प्रसार करने की बात कही। कृषि मेला गेट स्कूल मैदान में 15 एवं 16 जुलाई को लगेगा।
बीईओ के पत्र से शिक्षा विभाग में कोहराम
रफीगंज (औरंगाबाद), निज प्रतिनिधि : शिक्षा विभाग में सबकुछ जायज है। कभी कोई कर्मी डीएम के हस्ताक्षर से पत्र निकालता है तो कभी बीईओ शिक्षक नियोजन में गड़बड़ी की जांच में दो पत्र निकालते हैं। रफीगंज बीईओ मोजीब अंसारी ने तो हद कर दी। एक ही पत्रांक व दिनांक से उन्होंने दो पत्र निकाले। मामला भेटनिया पंचायत में शिक्षक नियोजन से संबंधित है। पत्र की चर्चा शिक्षा विभाग में खूब हो रही है। शिक्षक अभ्यर्थी में बवाल मचा है। बताया जाता है कि भेटनिया पंचायत के शिक्षक बहाली में धांधली की गई थी। इसकी शिकायत अधिक अंक वाली अभ्यर्थी मिंटू सिन्हा ने डीएम के जनता दरबार में की। बताया कि हमसे कम अंक के अभ्यर्थी मंजु कुमारी का चयन मुखिया एवं पंचायत सचिव ने पैसा लेकर कर दिया है। डीएम ने मामले की जांच डीएसई को दिया। डीएसई ने बीईओ को जांच कर रिपोर्ट देने का कहा। बीईओ ने डीएम कार्यालय में जो जांच रिपोर्ट भेजा उसमें मंजू की बहाली को गलत बताया गया। मिंटू सिन्हा को अधिक अंक होने के बावजूद बहाली न करने की बात कही। बीईओ के पत्रांक 139 दिनांक 30 जनवरी 2011 से यह पत्र निर्गत हुआ। इसी पत्रांक से बीईओ ने दूसरा पत्र निर्गत किया जिसमें मिंटू सिन्हा के काउंसलिंग में शामिल नहीं होने की बात कही। दूसरे पत्र में ज्यादा अंक होने के बावजूद मिंटू सिन्हा की बहाली मुखिया एवं सचिव द्वारा नहीं करने की बात कही। मामला अपीलीय प्राधिकार के यहां चल रहा है। यहां दोनों पत्र संलग्न है। पूछे जाने पर बीईओ ने बताया गलती से इस प्रकार का जांच प्रतिवेदन लिखा गया है। पहले जांच प्रतिवेदन को नियोजन इकाई को फाड़ने का निर्देश दिया गया था परंतु उसने ऐसा नहीं किया। बीईओ की गलती से उच्च अंक वाली अभ्यर्थी मिंटू कार्यालयों का चक्कर लगाते थक चुकी है। दर्जनों बार डीएम के जनता दरबार एवं अपीलीय प्राधिकार के यहां गई परंतु उसे अब तक न्याय नहीं मिला। मामले में बीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठने लगी है। बताया जाता है कि बीईओ के कार्यालय में दलाल सक्रिय हैं। पैसे के फेरा में कार्यालय से ऐसे कई पत्र निर्गत हुए हैं।
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