Saturday, 5 November 2011

औरंगाबाद जिला के गोह प्रखंड में शिक्षक नियोजन में धांधली

वर्ष 2008 में प्रखंड शिक्षक नियोजन में धांधली किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। डड़वां निवासी अभ्यर्थी रामनिवास शर्मा, बक्सर के कंजय कुमार, इब्राहिमपुर के राजेन्द्र यादव, पेमा के रामाशीष सिंह समेत 11 शिक्षक अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री के जनता दरबार में आवेदन देकर जांच की मांग की है। अभ्यर्थियों ने बताया कि 32 विभिन्न कोटि के प्रशिक्षित तथा 6 अप्रशिक्षित उर्दू कोटि में नियोजन किया गया है। सभी प्रशिक्षित अभ्यर्थियों का नियोजन जाली प्रमाण पत्र पर हुआ है। मेधा सूची को नजरअंदाज किया गया है। नियोजन में अभ्यर्थियों ने वीर बहादुर विश्वविद्यालय जौनपुर एवं उदयप्रताप सिंह कालेज वाराणसी के प्रशिक्षण प्रमाण पत्र को लगाया है। प्रमाण पत्र की जांच कराई गई तो जाली पाया गया है। प्रशिक्षित विकलांग शिक्षक का गलत विकलांगता प्रमाण पत्र दिया गया है। गया के सिविल सर्जन द्वारा प्रमाण पत्र निर्गत नहीं करने की बात कही गई है। बीडीओ एवं बीईओ ने नियोजन प्रक्रिया 22 जुलाई 2011 को बंद कर दी है फिर भी 25 जुलाई को नियोजन पत्र निर्गत किया गया है। बीईओ सुहद रंजन ओझा ने बताया कि नियोजन प्रक्रिया नियमानुसार निर्गत किया गया है।