Monday, 19 March 2012

बेमौत मारे जा रहे हैं लोग !

औरंगाबाद : जिले में अवैध नर्सिग होम चलाने का धंधा बड़ी तेजी से पांव पसारते जा रहा है. वैसे पहले से चल रहे अवैध नर्सिग होम के किस्से कोई कम नहीं हैं. इलाज में लापरवाही के कारण पहले ही मरीजों की जान जा चुकी है.
इन अवैध क्लिनिकों के पास न तो कोई पंजीयन है और न ही इनके साथ जुड़े चिकित्सकों के पास वैध डिग्रियां. यहां इलाज करनेवाले अधिकतर चिकित्सक झोलाछाप ही हैं, जो मरीजों की जान की परवाह किये बगैर उनका ऑपरेशन तक कर देते हैं. इलाज के नाम पर मोटी रकम की वसूली करते हैं.
ऐसे अवैध क्लिनिक जिले के हर गली, मुहल्ले में चल रहे हैं. इन पर प्रशासन की नजर होते हुए भी सब लोग मौन हैं. वैसे स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारी द्वारा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) के चिकित्सा पदाधिकारियों को यह निर्देश भी दिया जा चुका है कि जो भी अवैध क्लिनिक पीएचसी के करीब चल रहे हैं, उन पर शिकंजा कसते हुए इलाज करनेवाले झोलाछाप डाक्टरों पर प्राथमिकी दर्ज करायी जाये. परंतु एक भी अवैध क्लिनिक पर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है.
आये दिन होती हैं घटनाएं
अवैध क्लिनिक में इलाज कराने आये अधिकतर मरीज सदर अस्पताल से रेफर होते हैं. यहां उन्हें छोटे-छोटे ऑपरेशनों के लिए पैसे देकर जान तक गंवानी पड़ती है.
क्योंकि, यहां झोलाछाप चिकित्सकों के भरोसे ही इलाज होता है.इन क्लिनिकों में सबसे ज्यादा भीड़ प्रसव कराने वाले महिलाओं की होती है, जो सदर अस्पताल के दलालों द्वारा यहांतक लायी जाती हैं.
बताते चलें किशहर में चल रहे कई अवैध क्लिनिकोंमें आये दिन किसी न किसी मरीज कीमौत बेवजह ही हो जाती है. जिन महिलाओं का प्रसव आसानी से होना रहता है, उनका भी ये बड़े ऑपरेशन के जरिये प्रसव कराते है. इससे उन्हें मोटी रकम की प्राप्ति होती है.