इस ब्लॉग में औरंगाबाद(बिहार) से संबंधित वैसे खबरों को पोस्ट किया जाता है, जिसपर वरीय पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराना अत्यावश्यक लगे । इसके सेटिंग में मुख्य सचिव (बिहार), पुलिस महानिदेशक (बिहार), जिला पदाधिकारी (औरंगाबाद), पुलिस अधीक्षक (औरंगाबाद) तथा माननीय मुख्यमंत्री (बिहार) का इमेल आईडी फीड किया हुआ है, जिससे ब्लॉग पोस्ट की एक प्रति स्वतः उनके पास पहुँच जाती है । यह बिल्कुल से अखबारों में छपे मूल समाचार होते हैं और मेरा उद्देश्य इन खबरों को वरीय पदाधिकारियों तक पहुँचाना मात्र है ।
Wednesday, 20 March 2013
प्रायोगिक परीक्षा में प्राध्यापक ने लिए पैसे
अनुग्रह नारायण स्मारक महाविद्यालय नवीनगर के प्राध्यापक जगनारायण सिंह पर छात्रों ने इंटर के प्रायोगिक परीक्षा में पैसा लेने का आरोप लगाया है। छात्रों ने प्राध्यापक को पैसा देते सीडी तैयार किया है। कालेज अध्यक्ष अमित कुमार सिंह, विश्विद्यालय सचिव दीपक कुमार ने प्राचार्य डा. शैलेज कुमार श्रीवास्तव से लिखित शिकायत किया है। पैसा देने से संबंधित सीडी दिखाया है। छात्र नेताओं ने प्राचार्य से प्राध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की मांग किया है। दीपक ने बताया कि भौतिकी विज्ञान के प्राध्यापक जगनारायण सिंह ने इंटर विज्ञान के सभी छात्र छात्राओं से पैसा लिया है। दो से चार सौ रुपये अंक देने के नाम पर वसूली किया है। छात्रों ने प्राध्यापक को पैसा देते सीडी तैयार किया है। दीपक ने कहा कि अगर प्राध्यापक के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है हम आंदोलन करेंगे। सवाल उठाया और कहा कि जिस प्राध्यापक का वेतन एक से डेढ़ लाख रुपये हो और वह छात्रों से पैसा ले यह निंदनीय है। वैसे भी प्राध्यापक छात्रों को स्थानीय होने का भय दिखाते हैं। कहते हैं- माधे घर है, हम पैसा के अलावा कुछ नहीं जानते। छात्र अनुज कुमार, गोविंद कुमार, दीपक कुमार ने कहा कि सभी छात्रों से पैसा ली गई है। प्राचार्य डा. शैलेज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि छात्रों ने प्राध्यापक द्वारा पैसा लिए जाने की शिकायत किया है। पैसा लेते सीडी भी दिखाया है। प्राध्यापक से स्पष्टीकरण पूछा गया है। जवाब मिलने के बाद कार्रवाई की जाएगी। उधर प्राध्यापक जगनारायण ने बताया कि मेरे खिलाफ साजिश हो रही है। मैंने छात्रों से कोई पैसा नहीं लिया है। छात्रों का आरोप गलत है। सीडी के संबंध में कुछ भी बोलने से इंकार किया। बहरहाल, यह मामला तूल पकड़ता जा रहा है। मामले को विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय स्तर पर उठाएगी।
भवन निर्माण में मार्च लूट की थी तैयारी
भवन निर्माण विभाग कार्यालय में मार्च लूट की पुख्ता तैयारी थी। करीब 75 लाख रुपये का टेंडर अखबारों में बिना प्रकाशन के कार्यपालक अभियंता अवध किशोर ने ठेकेदार से मैनेज कर लिया। हद यह कि निविदा के लिए जो शर्ते निकाली उसे पूरा नहीं किया। ठेकेदार परिमाण विपत्र के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाते थक गए। सहायक अभियंता ने ठेकेदार कृष्णाकांत एवं विनय कुमार सिंह को लिखित रूप में दिया कि मेरे पास परिमाण विपत्र उपलब्ध नहीं है। परिमाण विपत्र के बिक्री की तिथि 30 एवं निविदा प्राप्ति की तिथि 31 जनवरी प्रकाशित की गई थी। डीएम आवास के गार्ड बैरक का मरम्मती कार्य 3 लाख 13 हजार 390 रुपये से होना था। जिला अतिथि गृह में 1 लाख 25 हजार रुपये से वार्षिक मरम्मती कार्य, ब्लाक कालोनी स्थित बी टाइप आवास का मरम्मती, दानी बिगहा स्थित ईवन एवं ईटू के आवास में सेफ्टी टैंक का मरम्मती, शाहपुर स्थित सरकारी भवन की मरम्मती, जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास की मरम्मती, जजेज कालोनी, दाउदनगर में पीओ के क्वार्टर के किचेन, बाथरुम में टाइल्स, समाहरणालय कार्यालय स्थित एनआईसी कार्यालय का जीर्णोद्धार समेत 18 कार्यो के लिए निविदा निकाली गई थी। सिन्हा कालेज परिसर स्थित पुराने छात्रावास की मरम्मती, जलापूर्ति अधिष्ठान कार्य एवं छात्रावास के चहारदीवारी निर्माण कार्य के लिए निविदा निकाली गई थी। छात्रावास का चहारदीवारी निर्माण 18 लाख 70 हजार 472 रुपये से होनी थी। ठेकेदार कृष्णाकांत शर्मा एवं विनय कुमार सिंह की माने तो कार्यपालक अभियंता ने पैसा लेकर टेंडर मैनेज किया। मार्च लूट की तैयारी पूरी कर ली थी। ठेकेदारों ने सवाल उठाया कि जब प्रत्येक कार्यो के लिए अखबार में निविदा प्रकाशित करना है तो 75 लाख रुपये के कार्य का प्रकाशन क्यों नहीं हुआ। ठेकेदारों ने कहा कि डीएम एवं डीडीसी ने जांच किया परंतु अब तक कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारी मामले को रफादफा करने में लगे हैं। कार्यपालक अभियंता ने बताया कि मेरे खिलाफ लगे आरोपों की जांच अधिकारी कर रहे हैं। हम इस संबंध में कुछ नहीं कहेंगे। बता दें कि कार्यपालक अभियंता के खिलाफ मंगलवार डीएम एवं डीडीसी ने आठ घंटे तक जांच की थी। कर्मचारियों एवं ठेकेदार का बयान कलमबंद किया था।
Subscribe to:
Posts (Atom)