इस ब्लॉग में औरंगाबाद(बिहार) से संबंधित वैसे खबरों को पोस्ट किया जाता है, जिसपर वरीय पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराना अत्यावश्यक लगे । इसके सेटिंग में मुख्य सचिव (बिहार), पुलिस महानिदेशक (बिहार), जिला पदाधिकारी (औरंगाबाद), पुलिस अधीक्षक (औरंगाबाद) तथा माननीय मुख्यमंत्री (बिहार) का इमेल आईडी फीड किया हुआ है, जिससे ब्लॉग पोस्ट की एक प्रति स्वतः उनके पास पहुँच जाती है । यह बिल्कुल से अखबारों में छपे मूल समाचार होते हैं और मेरा उद्देश्य इन खबरों को वरीय पदाधिकारियों तक पहुँचाना मात्र है ।
Thursday, 17 May 2012
पत्थर की कमी से रुके विकास कार्य
पत्थर की कमी के कारण जिले में विकास का पहिया रुक गया है। पत्थर नहीं मिलने से घरों के साथ-साथ सड़कों का निर्माण कार्य बंद हो गया है। पत्थर के लिए ठेकेदार बिहार, झारखंड एवं उत्तर प्रदेश की दौड़ लगा रहे हैं। स्टोन नहीं मिलने के कारण भवन निर्माण एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना का काम प्रभावित हो रहा है। तीन-चार माह पहले जिले में प्रधानमंत्री सड़क योजना से 95 सड़कों की निविदा निकाली गई परंतु निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ। आरईओ के कार्यपालक अभियंता बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह ने बताया कि पत्थर नहीं मिलने से ठेकेदारों ने हाथ खड़ा कर दिया है। काम कराने में परेशानी हो रही है। अंछा मोड़ से अंछा, जिनोरिया से चेचाढ़ी, मखरा से सिनुआर, अंछा मोड़ से चौरम, एनएच 98 से नीमा, देवहरा मोड़ से हसनपुर समेत कई सड़कों का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। यही हाल भवन निर्माण विभाग एवं मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना का है। ठेकेदारों ने 15 प्रतिशत से कम दर पर काम ले लिया है परंतु कार्य शुरू नहीं किया है। ठेकेदारों ने बताया कि विभाग द्वारा सासाराम के करवंदिया का कैरेज दिया जा रहा है परंतु करवंदिया में खोजने से भी पत्थर नहीं मिल रहा है। अनुसूची दर पर काम लिये ठेकेदारों ने भी पत्थर नहीं मिलने के कारण सड़क एवं भवन का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है।
दो पंचायत सचिव डकार गए छात्रवृत्ति राशि
देव प्रखंड की इसरौर पंचायत में छात्रों की छात्रवृत्ति राशि पंचायत सचिव के द्वारा डकार लिए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। छात्रों के नाम पर फर्जी वाउचर काटकर राशि का गबन किया गया है। देव बीडीओ के प्रभार में रहे प्रशिक्षु आईएएस चन्द्रशेखर सिंह ने जब संवेदनशीलता दिखाई तो यह मामला सामने आया। प्रशिक्षु आईएएस ने बताया कि तत्कालीन पंचायत सचिव सुरेन्द्र राम एवं वर्तमान दिनेश दत्त द्विवेदी के द्वारा राशि की हेराफेरी की गई है। दोनों पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया गया है। दोनों सचिवों से गबन किए गए राशि लौटाने के लिए सर्टिफिकेट केस किया जा रहा है। प्रशिक्षु आईएएस ने बताया कि इस पूरे मामले में पंचायत मुखिया की भी संलिप्तता है और मुखिया भी पर प्राथमिकी दर्ज होगी। पंचायत सचिवों द्वारा राशि की हेराफेरी करने मामले का रिपोर्ट सूचना आयोग को भेजा गया है। प्रशिक्षु आईएएस के अनुसार इसरौर पंचायत में छात्रों की छात्रवृत्ति बांटने के लिए वित्तीय वर्ष 2007-08, 08-09 एवं 2009-10 में लगभग चार लाख रुपए दिया गया था। पंचायत के राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोसियारी, प्राथमिक विद्यालय सिमरी चटी, राजकीय बुनियादी विद्यालय विष्णुपुर एवं राजकीय मध्य विद्यालय इसरौर के छात्रों को छात्रवृति दी जानी थी। पंचायत सचिवों ने सभी विद्यालयों के छात्रों का लिस्ट ले लिया और छात्रों के नाम पर फर्जी भाउचर काट दिया। प्रशिक्षु आईएएस ने बताया कि चारों विद्यालय के प्रधानाध्यापकों से जब पूछताछ किया गया तो छात्रवृत्ति राशि नहीं वितरण होने की बात कही। छात्रवृत्ति नहीं बांटने की शिकायत पर आरटीआई से जब रिपोर्ट मांगी गई तो दोनों पंचायत सचिवों ने रिपोर्ट देने से टाल मटोल करते रहे। प्रशिक्षु आईएएस ने कहा कि अन्य पंचायतों में भी छात्रवृत्ति राशि वितरण की जांच की जाएगी। आईएएस की कार्रवाई से प्रखंड में हड़कंप है। बताते चलें कि ऐसा मामला प्रखंड के अन्य पंचायतों में भी है जो जांच के बाद खुलासा होगा।
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