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Monday, 24 September 2012
अंचलकर्मी की गिरफ्तारी से ओबरा में तनाव
Sep 22, 10:21 pm
ओबरा (औरंगाबाद), निज प्रतिनिधि :
दलित महिला जयहिंता देवी के साथ शुक्रवार को छेड़खानी करते पकड़े गये अंचल सहायक ओमप्रकाश सिंह को पुलिस ने शनिवार को जेल भेज दिया है। थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने बताया कि महिला के बयान पर भादसं की धारा 354 एवं दलित अत्याचार अधिनियम के तहत कांड संख्या 139/12 दर्ज किया गया है। उधर कर्मचारी के जेल जाते ही प्रखंड सह अंचल कार्यालय में राजनीति गरमा गई है। ओमप्रकाश की गिरफ्तारी के खिलाफ प्रखंड एवं अंचल में कार्यरत कर्मियों ने शनिवार को धरना दिया। कहा कि कर्मचारियों का इज्जत बचना मुश्किल हो गया है। कर्मचारी नेता कृष्णा प्रसाद, मंगलम उपाध्याय, अयोध्या सिंह, प्रेम कुमार, खुर्शीद अहमद, एलइओ सुषमा रानी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी संजय कुमार, सांख्यिकी पदाधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि साजिश के तहत ओमप्रकाश को गिरफ्तार किया गया है। ओमप्रकाश ने महिला के साथ छेड़खानी नहीं की है। ग्रामीणों ने उसे आवास में पिटाई कर पुलिस को सुपुर्द कर दिया। थानाध्यक्ष से निष्पक्ष जांच की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि अगर मामले में हमें न्याय नहीं मिला तो हम अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। धरना पर बैठे कर्मचारियों ने ग्रामीण विकास पासवान, मिंटू यादव, बसंत पासवान, रामजी पासवान एवं अकेला पासवान को गिरफ्तार किये जाने की मांग रखी। कर्मचारियों को मनाने एसडीओ कमल नयन, बीडीओ देवेन्द्र कुमार प्रभाकर, सीओ अनिल कुमार चौधरी पहुंचे परंतु धरना पर बैठे कर्मचारी नहीं माने। कर्मचारियों ने कहा कि ओबरा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में कार्य करना मुश्किल हो गया है। स्थिति विस्फोटक है। उधर दलित महिला के साथ अंचल सहायक द्वारा की गयी छेड़खानी मामले को लेकर प्रमुख कुमकुम देवी, उपप्रमुख मुनारिक राम, पंचायत समिति सदस्य राकेश चौहान, बसंत पासवान, प्रमुख प्रतिनिधि लालबाबू प्रसाद के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। प्रखंड कार्यालय के समक्ष जब ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे तो दोनों तरफ से तनाव हो गया था। प्रमुख के नेतृत्व में कर्मचारियों के खिलाफ प्रखंड कार्यालय से निकला प्रदर्शन सब्जी बाजार के पास नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया। प्रमुख एवं उपप्रमुख ने संबोधित करते हुए कहा कि प्रखंड सह अंचल कार्यालय दलालों का अड्डा बन गया है। ग्रामीणों का कार्य कराना मुश्किल हो गया है। कार्यालयों में बिचौलिये हावी रहते हैं। दोनों ने कहा कि ग्रामीण दलित महिला के साथ सहायक द्वारा छेड़खानी करना यह बताने के लिए काफी है कि कर्मचारी यहां कितना निर्भिक हैं। बहरहाल, दलित महिला के साथ छेड़खानी एवं अंचल सहायक की गिरफ्तारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
150 से अधिक योजनाओं के क्रियान्वयन पर ग्रहण
Sep 24, 01:16 am
औरंगाबाद, जागरण संवाददाता :
समाहरणालय के सभा कक्ष में शनिवार को प्रभारी मंत्री प्रशांत कुमार शाही की अध्यक्षता में हुई संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना के तहत अनुशंसित योजनाओं की निविदा रद्द करने की अनुशंसा से योजना विभाग सकते में आ गया है। सभी विधानसभा क्षेत्रों से स्वीकृत जिन योजनाओं का एकरारनामा हो गया है, उन सभी योजनाओं का कार्य होगा। शेष के संबंध में अब सभी विधायक एवं पार्षदों से योजनाओं की नई अनुशंसा प्राप्त करनी है। विधायक एवं पार्षदों द्वारा अनुशंसित योजनाओं का ही क्रियान्वयन होगा। इस निर्णय के तहत टेंडर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद भी 150 से अधिक योजनाओं के क्रियान्वयन पर ग्रहण लग गया है। योजनाओं के क्रियान्वयन पर ग्रहण लगने के पीछे कारण के तौर पर जो बात बतायी गयी है, उसके मुताबिक सभी योजनाओं की निविदा निकाल दी गयी थी। संवेदकों को कार्य एलाट कर दिया गया था। एकरारनामा की कार्रवाई चल रही थी। परंतु, बीच में पेच फंस गया। योजना विभाग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बैठक के लिये गये इस निर्णय से तकनीकी प्राब्लम सामने आया है। टेंडर में संवेदकों से लिये गये बैंक ड्राफ्ट की राशि कैसे लौटायी जाएगी यह समझ से परे है। कारण संवेदकों के द्वारा दी गयी बैंक ड्राफ्ट की राशि सरकारी खाते में जमा कर दी गयी है। एक एक योजना में दर्जनों संवेदक शामिल हुये थे। बैठक में हुये निर्णय से योजनाओं के क्रियान्वयन में विलंब होगी। फिर से योजनाओं का प्राक्कलन तैयार कर प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त की जाएगी उसके बाद निविदा निकाली जाएगी। जिला योजना पदाधिकारी वीरेन्द्र प्रसाद ने बताया कि बैठक में लिये गये निर्णय से थोड़ा प्राब्लम होगा। समस्या का हल निकाला जा रहा है। उधर संवेदकों ने इस निर्णय से आक्रोशित हैं। संवेदकों का कहना है कि इस निर्णय के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटायेंगे।
तीन वर्ष बाद भी नहीं बनी सड़कें
Sep 24, 01:16 am
औरंगाबाद, जागरण संवाददाता :
जिले में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना का हाल बुरा है। तीन वर्षो में भी कई सड़कों का निर्माण पूरा नहीं हुआ है। वित्तीय वर्ष 2008-09 में रफीगंज प्रखंड में कोटवारा से अमरपुर बेढ़ना पथ, बारुण दाउदनगर पथ के नवनेर मोड़ से नवनेर गांव, अरंडा खुदवां से मुख्तियारपुर पथ निर्माण की स्वीकृति मिली थी। बेढ़ना पथ का निर्माण एक वर्ष, नवनेर पथ का छह माह एवं मुख्तियारपुर पथ का निर्माण कार्य एक वर्ष में पूरा करना था। लेकिन संवेदकों के द्वारा सभी सड़कों का निर्माण अधूरा रखा गया है। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2010-11 में खैरा से सोनाही, बासुदेव कैनाल से तमसी, धनीबार से महावीरगंज, जुड़ाही नहर पुल से बैरांव, ग्राम बसडीहा से पोखराही, बालूगंज पथ से ढिबरा थाना तक चयनित सड़क का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। शनिवार को प्रभारी मंत्री प्रशांत कुमार शाही की अध्यक्षता में संपन्न संचालन समिति की बैठक में आरईओ विभाग द्वारा इन सड़कों के निर्माण का प्रगति प्रतिवेदन सौंपा गया है। मंत्री ने सड़कों के निर्माण की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की है। विभाग के कार्यपालक अभियंता के द्वारा बताया गया कि सड़कों का निर्माण लंबित रखने वाले संवेदकों को नोटिस भेजा गया है। नोटिस के बाद भी कार्य पूरा नहीं करते हैं, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सड़कों का निर्माण अधूरा रहने से सड़क से जुडे़ गांव के ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। बरसात के इस मौसम में ग्रामीणों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी है। मंत्री ने कार्यपालक अभियंता को सड़कों का निर्माण शीघ्र पूरा कराने का आदेश दिया है। वित्तीय वर्ष 2011-12 के लिए 17 सड़कों का चयन किया गया है। इन सड़कों के निर्माण पर 4008.1910 लाख खर्च होंगे। सभी सड़कों का निर्माण मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत होना है। विभागीय अधिकारियों के द्वारा दी गयी जानकारी के अनुसार गोह में हमीदनगर पथ से डुमरथु, भोला बिगहा से शैलापुर होते हुए दरमी नदी, मलहद से मंजाठी, अंकोरहा शिवमंदिर से परिहारा, रुपखाप से फेसर, बेल पौथू रोड से घेटरा मुरादपुर, पटना मुख्य नहर से लबदना अधौरा, कल्याणपुर से रामबाग, देव बेढ़नी रोड से केशौर मणि बिगहा, केताकी नहर पुल से डुमरी सिंघवा, अंकोरहा रोड से माधे, बारा बिगहा, जीटी रोड से हैबसपुर, चिरैला हाल्ट से पौथू, माली पथ से बरियावां, तेलहारा से समहुता एवं कुटुम्बा पथ से दुधमी तक सड़क निर्माण योजना का चयन किया गया है। सभी सड़कों का चयन विधायकों की अनुशंसा पर हुई है। सड़कों का डीपीआर विभाग ने प्राप्त कर लिया है। उधर संवेदकों से मिली जानकारी के अनुसार मेटल की अनुपलब्धता के कारण सड़कों के निर्माण में विलंब हो रही है। औरंगाबाद, गया, रोहतास एवं भोजपुर में खोजने से भी पत्थर नहीं मिल रहा है।
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