Tuesday, 22 December 2009

ये कैसे सेवक हैं, जो मालिक को गेट पर ही रोक रखे हैं, अंदर घुसने ही नहीं दे रहे । अच्छा, अँग्रेज के जमाने के हैं ।

समाहरणालय गेट पर नागरिकों की नारेबाजी
Dec 22, 09:30 pm

औरंगाबाद समाहरणालय गेट पर नागरिकों की जांच कर रहे पुलिसकर्मी एवं दंडाधिकारी के खिलाफ लाइन में खड़े नागरिक भड़क उठे। पूर्व जिला पार्षद संजय सज्जान सिंह, संजीव सिंह, विजेन्द्र कुमार सिंह, मनोरंजन कुमार, अनंत कुमार सिंह, समरजीत कुमार के नेतृत्व में नागरिक गेट पर बैठ नारेबाजी करने लगे। नागरिकों ने समाहरणालय में आम आदमी के रोक का विरोध कर रहे थे। नागरिकों का कहना था कि प्रशासन ने अपमानित करने की नियत से यह रोक लगाई है। पूर्व पार्षद संजय ने कहा कि समाहरणालय आम जन का है और यहां आम जन के प्रवेश पर रोक लगा अधिकारियों ने नाइंसाफी की है। इस व्यवस्था से लोग अपने आप को अपमानित महसूस कर रहे है। उन्होंने सवाल उठाया और कहा कि एक अदना सा कर्मचारी समाहरणालय जा रहा है और नागरिकों के जाने पर रोक लगा दिया गया है। इस व्यवस्था को नागरिकों ने अंग्रेजी हुकूमत की संज्ञा देते हुए कहा कि विरोध में प्रदर्शन के साथ धरना दिया जाएगा। कई गांव से पहुंचे ग्रामीणों ने कहा कि हमें एसडीओ एवं डीएम के न्यायालय में उपस्थिति दर्ज कराना है और दो घंटे से लाइन में खड़े है अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। उधर अधिवक्ता सिद्धेश्वर विद्यार्थी ने कहा कि प्रशासन का यह निर्णय जनहित के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस मामले को ले समाहरणालय के समक्ष धरना दिया जाएगा।

1 comment:

  1. लोगों का ऐसा सोचना सही है...
    दो-दो घन्टे तक बाहर रोके रखना लोगों को इसका कोई अवचित्य नहीं है....
    रजनीश,
    तुम्हारे ब्लॉग पर आने में मुझे देर हुई है....
    बुरा मत मानना,
    अनुराग को बहुत-बहुत-बहुत सारा मेरा प्यार और दुलार देना...
    कहना बुवा माँ ने दिया है...और तुम्हें खूब सारा स्नेह,
    किसी दिन जम कर बात करेंगे दोनों भाई-बहन ठीक...
    अनुराग को ढेर सारा आशीर्वाद ..और तुम्हें भी...
    दीदी...

    ReplyDelete