इस ब्लॉग में औरंगाबाद(बिहार) से संबंधित वैसे खबरों को पोस्ट किया जाता है, जिसपर वरीय पदाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराना अत्यावश्यक लगे । इसके सेटिंग में मुख्य सचिव (बिहार), पुलिस महानिदेशक (बिहार), जिला पदाधिकारी (औरंगाबाद), पुलिस अधीक्षक (औरंगाबाद) तथा माननीय मुख्यमंत्री (बिहार) का इमेल आईडी फीड किया हुआ है, जिससे ब्लॉग पोस्ट की एक प्रति स्वतः उनके पास पहुँच जाती है । यह बिल्कुल से अखबारों में छपे मूल समाचार होते हैं और मेरा उद्देश्य इन खबरों को वरीय पदाधिकारियों तक पहुँचाना मात्र है ।
Monday, 4 April 2011
टेंडर मैनेज होने पर बिफरे मंत्री
ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमण्डल-1 में टेंडर मैनेज का मामला प्रकाश में आया है। स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाने के लिए टेंडर होना था परंतु विभाग द्वारा न तो इसकी सूचना अखबार में प्रकाशित की गई और न ही कार्यालय के सूचना बोर्ड पर लगाया गया। सोमवार को अखिलेश्वर बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड के अजिताभ कुमार एवं नीलमणि कुमार ने इसकी शिकायत सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह एवं कार्यपालक अभियंता बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह से की। मंत्री ने शिकायत पर कार्यपालक अभियंता को फटकार लगाई और कहा कि टेंडर निरस्त करते हुए अखबार में इसकी सूचना निकाले। फोन पर मंत्री ने बताया कि स्वास्थ्य केन्द्रों के भवन बनाने के लिए करोड़ों रुपए उपलब्ध कराए गए थे। मदनपुर के सैलवां, वार, बारुण प्रखंड के उर्दिना, कुड़वा, धुरिया, देव के सुही बेलसारा, औरंगाबाद के करमा, गोह के बक्सर, रुकुंदी, रफीगंज का भदवा, सिहुली, पौथू, जमुआईन एवं हसपुरा प्रखंड के पहरपुरा, जैतपुर एवं जलपुरा में भवन का निर्माण होना है। भवन निर्माण के लिए स्थानीय अखबार में विज्ञापन नहीं प्रकाशित की गई और टेंडर मैनेज कर लिया गया। पूछे जाने पर कार्यपालक अभियंता बिन्देश्वरी प्रसाद सिंह ने बताया कि उक्त टेंडर रद कर दिये गये हैं। भवन निर्माण के लिए बाद में टेंडर निकाली जाएगी जिसकी सूचना अखबार एवं सूचना बोर्ड पर दी जाएगी। बता दें कि औरंगाबाद के विभिन्न विभागों में टेंडर मैनेज की प्रक्रिया धड़ल्ले से चल रही है।
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