औरंगाबाद, कार्यालय संवाददाता : धान खरीदारी को ले सरकार की किरकिरी हो रही है। किसानों का धान खेत से खलिहान और खलिहान से घर पहुंच गया है परंतु खरीदार नहीं मिल रहे हैं। सरकार ने पैक्स एवं एसएफसी के माध्यम से धान खरीदारी की घोषणा की परंतु हकीकत में खरीदारी हो नहीं रही है। एसएफसी अधिकारियों के सुस्त रहने के कारण धान अधिप्राप्ति का मामला ठंड बस्ते में पड़ा है। अधिकारी रुचि नहीं ले रहे हैं जिस कारण किसानों के धान की खरीदारी नहीं हो रही है। किसान परेशान हैं और बिचौलिया उनके घर पहुंच धान खरीद रहे हैं। सरकार ने पैक्सों के माध्यम से 1080 रुपए क्विंटल धान खरीदारी की घोषणा की है। किसान धान बेचने के लिए परेशान हैं परंतु पैक्स अध्यक्ष खरीदारी नहीं कर रहे हैं। अब तक तीन दर्जन पैक्सों पर ही धान की खरीदारी शुरू हो सकी है। 150 से अधिक पैक्सों पर खरीदारी की शुरूआत भी नहीं हुई है। जिला सहकारिता पदाधिकारी इंदिवर पाठक ने बताया कि 204 में से 106 पैक्सों को 5-5 लाख रुपए का सीसी धान खरीदगी के लिए दिया गया है। इनकी माने तो 40 पैक्सों पर धान की खरीदारी शुरू हो गई है। विभाग ने 1 लाख 51 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदारी का लक्ष्य रखा है। 10 दिन जनवरी बीत गया परंतु सिर्फ 2 हजार मीट्रिक टन धान की खरीदारी संभव हो सकी है। पैक्स अध्यक्ष धान नहीं खरीद रहे हैं। पूछने पर अध्यक्षों ने बताया कि पैक्स से एसएफसी धान की खरीदारी नहीं कर रहा है जिस कारण खरीदारी में विलंब हो रही है। एसएफसी गोदाम न होने का बहाना बना अपना हाथ खड़ा कर दिया है। एसएफसी के पास छोटा गोदाम है जिस कारण सभी गोदाम 1300 मीट्रिक टन धान से भर गया है। डीसीओ के अनुसार एसएफसी ने सोमवार तक सिर्फ 1300 मीट्रिक टन धान की खरीदारी किया है। उन्होंने बताया कि इस सप्ताह धान की खरीदारी जोर पकड़ेगा। पैक्स अध्यक्षों को धान खरीदारी में तेजी लाने का आदेश दिया गया है। जो पैक्स अध्यक्ष धान की खरीदारी नहीं करेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि सहकारिता मंत्री रामाधार सिंह के आदेश के बावजूद धान खरीदारी जोर नहीं पकड़ रही है। जब मंत्री के जिले में खरीदारी का यह हाल है तो अन्य जिलों में हालात क्या होंगे सोचा जा सकता है।
क्या कहते हैं कोआपरेटिव अध्यक्ष
कोआपरेटिव अध्यक्ष जगनारायण सिंह ने कहा कि एसएफसी धान खरीदने को तैयार नहीं है। गोदाम के नाम पर एसएफसी के अधिकारी नौटंकी कर रहे हैं। मील से टैगिंग नहीं होने के कारण खरीदे गए धान एसएफसी के गोदामों में पड़ा है। जब तक गोदाम खाली नहीं होगा, धान की खरीदारी गति नहीं पकड़ेगी। उन्होंने कहा कि एसएफसी अधिकारियों के कारण पैक्सों की बदनामी हो रही है।
एसएफसी अधिकारी बोले :
एसएफसी के सहायक प्रबंधक हसनैन खान ने बताया कि गोदाम न मिलने के कारण धान खरीदारी में परेशानी हो रही है। एसएफसी द्वारा जिले में 11 क्रय केन्द्र खोला गया है। अब तक 1398 मेट्रिक टन धान की खरीदारी हुई है।
No comments:
Post a Comment