Tuesday, 15 June 2010

डिग्री आयुर्वेद की और करते है आपरेशन

Jun 13, औरंगाबाद
अम्बा के प्रख्यात चिकित्सक है डा. प्रकाश वर्मा। कपड़े की तरह ये क्लीनिक का नाम बदलते है। एक वर्ष पहले तक डा. वर्मा के क्लीनिक का नाम प्रकाश क्लिनिक था। अब नाम बदलकर 'राहत क्लीनिक' हो गया है। चर्चा है कि जब कोई मरीज मरता है और हंगामा होता है, क्लिनिक का नाम बदल जाता है। वैसे भी डा. वर्मा चिकित्सा विभाग के आंखों में धूल झोंककर धड़ल्ले से अम्बा नवीनगर रोड में क्लिनिक चला रहे है। क्लिनिक की स्थिति देखकर ऐसा लगा कि एक दिन की आमदनी कम से कम 50 से 70 हजार रुपए होगी। आमदनी देख बैंक के अधिकारी डा. वर्मा के पीछे लगे रहते है। हद यह कि डा. वर्मा ने आयुर्वेद की डिग्री पर अल्ट्रासाउंड खोल रखा है जो नियम के विपरीत है। गया के प्रख्यात चिकित्सक डा. जयदेव सिंह के नाम पर डा. वर्मा मरीजों का शोषण करते है। क्लिनिक के बोर्ड पर मोटे अक्षरों में डा. वर्मा ने दूरबीन विधि द्वारा पित्त की थैली, प्रोस्टेट, मुत्र नली, पेशाब की थैली एवं किडनी के पथरी का आपरेशन करने का बोर्ड लगाया है। क्लिनिक पचास बेड का है। वैसे भी डा. वर्मा के क्लिनिक में जब भी पहुंचिए दस से बीस मरीज बेडों पर पड़ा दिख जाएंगे। पिपरा गांव के दिलीप कुमार की पत्नी अर्चना का इसी क्लिनिक में सोमवार को सिजेरियन आपरेशन से बच्चा हुआ है। पूछने पर अर्चना के परिजन बोले कि डा. वर्मा ने दस हजार रुपए में आपरेशन किया है। जब डा. वर्मा से इस संबंध में संवाददाता ने पूछा तो उन्होंने कहा कि मैं किसी का आपरेशन नहीं करता हूं। अब सवाल उठता है कि डा. वर्मा से आपरेशन कराने की बात मरीज कह रहे है और डा. वर्मा इससे इंकार कर रहे है तो आखिर इस क्लिनिक में आपरेशन कैसे होता है। इसी क्लिनिक में बुधवार को बैरांव गांव निवासी श्याम बिहारी की पत्नी शिखा देवी मिली। पूछने पर बताई कि डा. प्रकाश वर्मा ने सिजेरियन आपरेशन किया है। आपरेशन से शिखा को बच्चा हुआ है। गढ़वा के साई कुमार के पथरी का आपरेशन भी इसी क्लिनिक में हुआ है। इनसे डा. वर्मा ने 55 सौ रुपए लिए है। डा. वर्मा ने क्लिनिक पर जो बोर्ड लगा रखा है उस पर चिकित्सक सह शल्य चिकित्सक लिखा है जबकि डा. वर्मा के पास बीएएमएस (बैचलर आफ आयुर्वेद मेडिसिन) की डिग्री है। इनकी पत्नी डा. सुधा कुमारी है जिनके पास भी बीएएमएस की डिग्री है परंतु बोर्ड पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ का बोर्ड लगा है। बोर्ड देख मरीज झांसा में आ जाते है। औरंगाबाद के कई प्रख्यात चिकित्सकों के पास भले ही गाड़ी नहीं हो परंतु डा. वर्मा के पास स्कार्पियो, एमहाक, मारुति स्विफ्ट जैसी कई लक्जरी गाड़ियां है। दो वर्ष पहले मध्य प्रदेश में डा. वर्मा की बोलेरो गाड़ी चोरी हुई थी तब डा. वर्मा सुर्खियों में आए थे। कारण, जिस होटल से बोलेरो चोरी गई थी वह होटल रईसजादों के लिए बना है। आपरेशन के सवाल पर डा. वर्मा बोले 'हम आपरेशन नहीं करते है, आपरेशन का मरीज होने पर बाहर से डाक्टर बुलाते है।' यह पूछने पर कि आपके क्लिनिक में भर्ती मरीज आपरेशन के सवाल पर आपका नाम बताते है बोले 'मरीज नहीं जानते है कि आपरेशन किसने किया है।' बिना डिग्री के आपरेशन के सवाल पर डा. वर्मा ने कहा 'गलती कौन नहीं करता है।' जिला में ऐसा कोई अधिकारी है जो गलती नहीं करते है। डा. वर्मा ने बताया कि हम सिविल सर्जन को सूचना देकर क्लिनिक चलाते है। वहीं पूछे जाने पर सिविल सर्जन ने कहा कि डा. प्रकाश वर्मा के क्लिनिक की जानकारी हमें नहीं है। उन्होंने बताया कि अगर वे बीएएमएस की डिग्री पर सिजेरियन आपरेशन करते है तो गलत है। सिविल सर्जन ने कहा कि हम जांच करेगे और अगर ऐसा पाया गया तो डा. वर्मा जेल भेजे जाएंगे। सिविल सर्जन ने कहा कि झोला छाप चिकित्सकों के खिलाफ मेरा कार्रवाई जारी है। नियमित ऐसे अस्पतालों का हम निरीक्षण कर रहे है।

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